यह गारंटी देना कि हर घड़ी हर दिन –2 से +2 सेकंड के बदलाव के साथ सर्टिफाइड प्रिसिजन के साथ वर्कशॉप से निकले, मैकेनि कल कलाईघड़ी मार्केट में एक अनोखी कामयाबी है।
ऐसी बेहतरीन चीज़ें पाने के लिए रिसर्च को क्रोनोमेट्री से आगे बढ़ाकर क्रोनोमीटर बनाने की पूरी कला को शामिल करना ज़रूरी है।
इसीलिए रोलेक्स ने हमेशा अपने मूवमेंट के हर हिस्से पर छोटी से छोटी डिटेल में ध्यान देकर इस फील्ड का दायरा बढ़ाने की कोशिश की है, उनके डिज़ाइन और मटीरियल से लेकर उनके इंटरैक्शन, रेजिस्टेंस और यहाँ तक कि उनके बनाने के प्रोसेस तक। आखिरकार, यह घड़ी को पूरी तरह से बनाना है, पहले ब्लैंक से लेकर फ़ाइनल प्रोडक्ट तक, जो सटीकता के इस लक्ष्य की ओर बढ़ता है।
एक सेकंड के निकटतम अंश तक
बीस साल पहले, रोलेक्स लैब में घड़ी की सटीकता जांचने के लिए इस्तेमाल होने वाले माप के पैमाने को हर दिन एक सेकंड के डेविएशन के हिसाब से कैलिब्रेट किया जाता था। आज, रोलेक्स क्रोनोमेट्री विशेषज्ञ हर दिन दसवें सेकंड के डेविएशन के अंदर अपनी रिसर्च करते हैं।
हर घड़ी की एक्यूरेसी एक टेस्ट प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करके चेक की जाती है, जो दो तय पलों के बीच बीते हुए समय और घड़ी द्वारा दिखाए गए समय के बीच के अंतर को पता लगाता है, जिसे एब्सोल्यूट टाइम कहा जाता है। परिणाम की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए, जिन चरणों के दौरान सुई चलती है और स्थिर रहती है, उन्हें ध्यान में रखा जाता है, यह देखते हुए कि प्रत्येक चरण के बीच सेकंड की सुई 115 मिलीसेकंड तक स्थिर रहती है। इस पॉज़ टाइम को इग्नोर करने से रिज़ल्ट की एक्यूरेस ी कम हो जाएगी।