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सी‑ड्वेलर

गहराई पर विजय पाने वाली घड़ी

सी-ड्वेलर और रोलेक्स डीपसी, अति-प्रतिरोधी गोताख़ोरों की घड़ियाँ हैं जिन्हें गहरी समुद्री गोताखोरी के लिए रोलेक्स द्वारा इंजीनियरीकृत किया गया है। 1967 में लॉन्च की गई रोलेक्स सी-ड्वेलर के लिए 4,000 फीट (1,220 मीटर) और 2008 में अनावृत रोलेक्स डीपसी के लिए 12,800 फीट (3,900 मीटर) की गहराई तक वॉटरप्रूफ़ है, ये गोताखोरों की घड़ियों में रोलेक्स के नेतृत्व की अंतिम अभिव्यक्ति और डाइविंग पेशेवरों के साथ दशकों के सहयोग का परिणाम हैं। 2014 में रोलेक्स ने लगभग 11,000 मीटर गहराई तक, मारियाना ट्रेंच के तल में जेम्स कैमरन के ऐतिहासिक एकल डाइव का जश्न मनाने के लिए, मॉडल के एक विशेष संस्करण, डी-ब्लू डायल के साथ रोलेक्स डीपसी, रिलीज़ की। ट्विलाइट ब्लू से लेकर बॉटमलेस ब्लैक तक, इसके दो रंग वाला क्रमागत डायल पृथ्वी के सबसे गहरे स्थान पर एक मनुष्य की यात्रा का जश्न मनाता है।

सी-ड्वेलर

डिज़ाइन

चरम
गहराइयों के लिए
डिज़ाइन की गई

सी-ड्वेलर

43 मिमी, ऑयस्टरस्टील

सी-ड्वेलर का 60 मिनट का अंशांकित, एकदिशा में घूमने योग्य बेज़ेल डाइवर्स को अपने गोते और विसंपीड़न बारंबारिता की सुरक्षित निगरानी करने में सक्षम बनाता है। यह वर्चुअल स्क्रैचप्रूफ़ और जंगरोधक सेरामिक में रोलेक्स द्वारा निर्मित पेटेंटीकृत

ब्लैक सेराक्रोम बेज़ेल इन्सर्ट से लैस है जिसका रंग पराबैंगनी किरणों से अप्रभावित है। अंशांकन को प्लैटिनम की पतली परत के साथ PVD (भौतिक वाष्प निक्षेपण) के माध्यम से लेपित किया जाता है।

किसी भी दूसरी घड़ी की इंजीनियरिंग रोलेक्स डीपसी की तरह नहीं होती है। 3,900 मीटर (12,800 फीट) की ज़बर्दस्त गहराई तक वॉटरप्रूफ़, यह नई जेनरेशन की गोताखोरों की घड़ी रोलेक्स द्वारा विकसित एक्सक्लूसिव नवोन्मेषों से लाभान्वित होती है जिन्हें पेशेवर गोताखोरों की कठोरतम मांगों से भी आगे जाने के लिए विकसित किया गया है।

इसके 44 मिमी का ऑयस्टर केस, जिसे पेटेंटीकृत रिंगलॉक सिस्टम द्वारा मज़बूत बनाया गया है, को ऐसे आकार में उच्चतम स्तर की प्रतिरोधी क्षमता देने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो पहनने योग्य और व्यावहारिक भी हो।

आकर्षक ब्लैक डायल में बड़े क्रोमालाइट घंटे के मार्कर शामिल हैं और सुइयों को प्रकाशमान सामग्री से भरा गया है जो लंबे समय तक प्रकाशमान नीली चमक को उत्सर्जित करती है।

विशेषताएँ

दबाव के प्रति
प्रतिरोध

सी-ड्वेलर

43 मिमी, ऑयस्टरस्टील

शुरुआती सैचुरेशन डाइवर एक कष्टप्रद घटना का अनुभव करते थे जो मुख्यतः हीलियम से बने ब्रीदिंग मिक्स से भरे हाइपरबारिक चेम्बरों में, डीकंप्रेशन चरण के दौरान उनकी घड़ियों को प्रभावित करता था।

हीलियम के अणु इतने छोटे होते हैं कि वो गैसकेट के रास्ते धीरे-धीरे घड़ी के केस में घुस सकते हैं, इसलिए घड़ी के अंदर का दाब, आवास के दाब के बराबर हो जाता है। हालांकि, एक डाइवर की डीकंप्रेशन प्रक्रिया के दौरान धीरे-धीरे सामान्य वायुमंडलीय दाब में लाने के दौरान,

गैस वॉटरप्रूफ़ केस से पर्याप्त तेज़ी से बाहर निकालने में अक्षम होती है। परिणामस्वरूप घड़ी के अंदर और बाहर के दाब अंतर की वजह से अक्सर घड़ी का क्रिस्टल, शैम्पेन के कॉर्क की तरह टूट कर बाहर आ जाता था।

रोलेक्स डीपसी

44 मिमी, ऑयस्टरस्टील

इस समस्या से निपटने के लिए, रोलेक्स ने घड़ियों के लिए गैस निकास वॉल्व का आविष्कार और पेटेंटीकरण किया जो एक वन-वे वॉल्व था और यह सुरक्षित ढंग से, घड़ी में फंसी हुई हीलियम को, डीकंप्रेशन के दौरान एक निश्चित दाब पर छोड़ने की अनुमति देने के साथ ही ऑयस्टर केस की चुस्त वॉटरप्रूफ़ क्षमता को बनाए रखता था।

सी-ड्वेलर

43 मिमी, ऑयस्टरस्टील

यह नवाचार, सी-ड्वेलर के केस में दाब के प्रतिरोध में अंतिम निखार – दोनों आंतरिक एवं बाह्य –ले कर आया, और परिणामस्वरूप एक ऐसी घड़ी निकल कर आयी जो गहरे समुद्र के गोताख़ोरों की आवश्यकताओं के लिए उत्कृष्ट रूप से अनुकूल थी। रोलेक्स डीपसी की असाधारण शक्ति, वॉटरप्रूफ़ होना और दबाव प्रतिरोध का श्रेय एक्सक्लूसिव रिंगलॉक सिस्टम को जाता है।

रोलेक्स द्वारा पेटेंट किया गया यह अभिनव केस आर्किटेक्चर घड़ी को लगभग 3 टन वजन के बराबर 3,900 मीटर (12,800 फीट) की गहराई पर पानी के अपरिवर्तनीय दबाव का प्रतिरोध करने में सक्षम बनाता है। इसका निर्माण तीन तत्वों पर आधारित है: नाइट्रोजन-मिश्र धातु स्टील का केंद्रीय रिंग प्रणाली के आधार का गठन करता है, जिसमें 5.5 मिमी-मोटा, गुंबदनुमा सफ़ायर और ग्रेड 5 टाइटेनियम का केस बैक शामिल है।

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यूनिवर्स

गहराई
की
तलाश
में

1960

त्रिएस्ते के अंदर डॉन वॉल्श और जाक पिकार्ड

1960 में, अमेरिकी नौसेना के लेफ्टिनेंट डॉन वॉल्श और स्विस समुद्रशास्त्री जाक पिकार्ड ने बैथीस्केप त्रिएस्ते को दुनिया के महासागरों में सबसे गहरे बिंदु, मारियाना ट्रेंच में चैलेंजर डीप तक ले जाकर समुद्री अन्वेषण के स्तर को ऐसी ऊंचाई पर पहुंचा दिया जिसे पार करना लगभग असंभव था।

जब वे प्रशांत महासागर में 10,916 मीटर (37,800 फीट) की गहराई तक की ऐतिहासिक गोताखोरी से वापस सतह पर आए, तो उनकी सबमर्सिबल के बाहर एक प्रायोगिक रोलेक्स घड़ी, डीप सी स्पेशल जुड़ी हुई थी।

यह बिल्कुल त्रुटिहीन ढंग से काम कर रही थी। एकमात्र घड़ी जिसे वास्तविक जीवन की दशाओं में सफलतापूर्वक इतनी गहराई तक ले जाया गया था: यह एक ऐसी उपलब्धि थी जिसने वॉटरप्रूफ़ कलाई घड़ी के पथप्रदर्शक और अग्रणी के रूप में रोलेक्स की विशेषज्ञता को और पुख्ता कर दिया।

1960 - डीप सी स्पेशल

सबसे चरम परिस्थितियों का सामना करने के लिए बनाई गई थी
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26 मार्च 2012 को, फिल्मकार और नेशनल ज्योग्राफिक के एक्सप्लोरर-इन-रेज़िडेंस जेम्स कैमरन अपनी सबमर्सिबल में मारियाना ट्रेंच में उतरे। यह अब तक की सबसे गहरी अकेले की गई गोताखोरी थी।

2012 - ऑयस्टर परपेचुअल रोलेक्स डीपसी चैलेंज

दुनिया की सबसे गहरी गोताखोरी घड़ी का कीर्तिमान स्थपित करना

1960 के पथप्रदर्शक दो व्यक्तियों के त्रिएस्ते अभियान के बाद से यह ट्रेंच के सबसे गहरे भाग, चैलेंजर डीप, तक पहली व्यक्ति चालित गोताखोरी थी। केवल एक यात्री ऐसा था जो दोनों यात्राओं में शामिल था: एक रोलेक्स घड़ी।

जेम्स कैमरन रोलेक्स द्वारा निर्मित 1960 डीप सी स्पेशल घड़ी को, त्रिएस्ते के पथप्रदर्शकों को शृद्धांजलि और अन्वेषण के दो युगों के एक प्रतीकात्मक संबंध के रूप में, अपने साथ कॉकपिट में ले गए थे।

प्रत्येक रोलेक्स
एक कहानी बयां करती है

डेविड डुबिलेट

स्टोर में

सी-ड्वेलर

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रोलेक्स घड़ी के सूक्ष्म विवरणों, संतुलित वज़न, आराम और मात्र उसके एहसास का प्रत्यक्ष अनुभव ही, अतुल्य है।

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नया
2019 मॉडल

सी-ड्वेलर

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