अन्वेषण से लेकर
परिरक्षण तकपरपेचुअल प्लैनेट

एक जीवंत
प्रयोगशाला

रोलेक्स के संस्थापक, हैंस विल्सडोर्फ़, के लिए दुनिया एक जीती-जागती प्रयोगशाला की तरह थी। उन्होंने इसे 1930 के दशक से अपनी घड़ियों के परीक्षण स्थल के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। वे उन्हें कठोरतम स्थानों पर भेजते थे, और अज्ञात क्षेत्रों में कदम रखने वाले अन्वेषकों को समर्थन देते थे। लेकिन दुनिया बदल गई है।

21वीं सदी के आगे बढ़ने के साथ ही, शुद्ध रूप से खोज के लिए अन्वेषण का स्थान प्राकृतिक जगत के संरक्षण के लिए किए जाने वाले अन्वेषण ने ले लिया है। रोलेक्स ने अपने संस्थापक की विरासत को जारी रखा है, और आज के अन्वेषकों को उनके नए मिशन पर समर्थन देता है: यानी हमारी पृथ्वी को परपेचुअल (अनंत) बनाए रखने के लिए।

एवरेस्ट

रोलेक्स घड़ियों ने मानवता के कुछ महानतम रोमांचों में हिस्सा लिया है। ऐसा ही एक मौका था 1953 का एवरेस्ट अभियान, जिसने सिर जॉन हंट के नेतृत्व में, सर एडमंड हिलरी और तेनजिंग नोर्गे विश्व के सबसे ऊंचे शिखर पर चढ़ने वाले पहले व्यक्ति बनते हुए देखा। उसी वर्ष, इस ऐतिहासिक कारनामे को प्रशंसित करने के लिए, रोलेक्स ने एक्सप्लोरर मॉडल को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया था।
 

त्रिएस्ते

1960 में, डीप सी स्पेशल, एक प्रयोगात्मक रोलेक्स ऑस्टर घड़ी के साथ, गहरे समुद्री अन्वेषण में एक मील का पत्थर स्थापित हुआ। स्विस डिज़ाइन वाली बैथिस्केफ त्रिएस्ते, जिसके पायलट स्विस समुद्री विज्ञानी जैक्स पिकार्ड और अमरीकी नेवी के ल्यूटेनेंट डॉन वॉल्श थे, 10,916 मीटर की रिकॉर्ड गहराई तक मेरियाना ट्रेंच में उतरी।
 

डीपसी चैलेंज

2012 में, फिल्म निर्माता और खोजकर्ता जेम्स कैमरन ने महासागरों के सबसे गहरे हिस्से, मारियाना ट्रेंच में पहला एकल गोता लगाया। उन्होंने 10, 908 मीटर (35,787 फीट) की गहराई तक एक विशेष रूप से डिज़ाइन की गई डीपसी चैलेंजर पनडुब्बी को नेविगेट किया। पनडुब्बी के ढाँचे के बाहर एक प्रयोगात्मक रोलेक्स डीप्सी चैलेंज घड़ी जुड़ी हुई थी जो पूरी तरह से अत्यधिक दबाव में कार्य कर रही थी।
 

अंडर द पोल

डीपसी अंडर द पोल बाइ रोलेक्स, 2010 में शुरू किया गया एक पथप्रदर्शक अभियान था जिसे आर्कटिक के पानी के नीचे के हिस्से के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए शुरू किया गया था। उपयोग किए गए सभी उपकरणों में, केवल वह रोलेक्स डीपसी घड़ियाँ ही थीं, जिन्होंने पूरे अभियान में सुचारु रूप से कार्य करना जारी रखा। इसके अनुक्रम में 2017 में, अंडर द पोल III आया, जिसने आर्कटिक से अंटार्कटिक तक जलीय अन्वेषण किया, ताकि वो जलवायु संतुलन, जैव संदीप्ति में महासागर की भूमिका को समझ सके, अन्तर्जलीय अन्वेषण तकनीकों को सुधार सके और भावी पीढ़ियों को भी यही करने के लिए प्रेरित कर सके।
 

परपेचुअल प्लैनेट

लगभग एक शताब्दी से, रोलेक्स उन पथप्रदर्शक अन्वेषकों का समर्थन करता आ रहा है, जो कि मानवीय प्रयासों की सीमाओं से परे जाते हैं। 2019 में शुरू किए गए परपेचुअल प्लैनेट अभियान से, रोलेक्स पर्यावरण के संरक्षण के प्रयासों में अन्वेषकों को लंबे समय तक समर्थन देने के लिए वचनबद्ध है

शुरू करने के लिए, यह वचनबद्धता रोलेक्स अवार्ड फ़ॉर एंटरप्राइज़ और नेशनल ज्योग्राफ़िक सोसायटी तथा सिल्विया अर्ल के मिशन ब्लू के साथ साझेदारियों पर केंद्रित है। लेकिन यह तो बस शुरुआत है।

नेशनल ज्योग्राफ़िक

रोलेक्स और नेशनल ज्योग्राफ़िक 1954 से ही अन्वेषण के साथी रहे हैं। परपेचुअल प्लैनेट एक्सट्रीम एक्सपेडीशन्स के ज़रिए, हम विज्ञान की शक्ति, खोज के आकर्षण और कहानी कहने के उत्साह के संयोजन से हमारी बदलती दुनिया के बारे में नई जानकारियाँ खोजते और साझा करते हैं।
 

रोलेक्स अवार्ड्स फॉर एंटरप्राइज़

रोलेक्स अवार्ड्स फॉर एंटरप्राइज़ के ज़रिए, 1976 से हम विश्व के कुछ सर्वाधिक प्रेरक व्यक्तियों के काम को प्रोत्साहित करते आ रहे हैं। अब तक 140 से अधिक पुरस्कार विजेताओं ने विज्ञान, अन्वेषण, स्वास्थ्य, पर्यावरण और मानवीय संस्कृति के क्षेत्र में खोज, वचनबद्धता और नवीनीकरण की असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। उद्यमशीलता की उनकी भावना हमारी दुनिया को एक बेहतर जगह बनाती है।
 

मिशन ब्लू

एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध समुद्र विज्ञानी और लंबे समय से एक रोलेक्स टेस्टीमोनी रहीं डॉ सिल्विया अर्ल, गहराई की पथप्रदर्शक हैं। 50 वर्षों से अधिक के अन्तर्जलीय अन्वेषण के पश्चात, वे समुद्रों एवं उनके संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्रों की प्रतिबद्ध समर्थक हैं। उनकी पहल मिशन ब्लू, विश्व के महासागरों के लिए सार्वजनिक समर्थन प्राप्त कर रही है। रोलेक्स के साथ अर्ल का रिश्ता 1970 में शुरू हुआ, जब उन्हें अपनी पहली रोलेक्स मिली; वे अब भी अपने प्रत्येक गोते में अपनी रोलेक्स घड़ी पहनती हैं।
 

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