सर जैकी स्टीवर्ट ने 1966 और 1973 के बीच तीन बार फॉर्मूला 1 ग्रैंड प्रिक्स डे मोनाको जीती। “फ्लाइंग स्कॉट” के उपनाम से मशहूर, उन्हें एक फॉर्मूला 1® कार में कदम रखने वाले आज तक के सबसे महानतम ड्राईवरों में से एक माना जाता है। ट्रैक के बाहर, वे मोटर स्पोर्ट में ड्राईवर सुरक्षा के एक तीक्ष्ण समर्थक बने। लगभग 50 वर्षों तक रोलेक्स के टेस्टीमोनी, वे मोनाको को अपनी सफलता के चरम पर, सबसे भव्य, सबसे शानदार और सबसे उत्तेजित करने वाली ग्रैंड प्रिक्स के रूप में याद करते हैं। आज, जब वो अपनी रोलेक्स घड़ी को देखते हैं, तो उन्हें अपनी सारी उपलब्धियां और यह सत्य कि, वे इसे जीतने के लिए काफी अच्छे और काफी तेज़ थे, याद आ जाते हैं।

एक ग्रैंड प्रिक्स ड्राईवर के नाते जो सबसे महत्वपूर्ण चीज़ मैंने सीखी, वो थी मस्तिष्क प्रबंधन। मैंने यह पाया कि यदि मैं भावनाओं को हटा दूँ, तो मेरे किसी गलत चीज़ को करने कि संभावना कम हो जाएगी। इससे मुझे सटीकता से वहीं ध्यान केन्द्रित करने की अनुमति मिली जहाँ मैं चाहता था। सामान्यतः, मैंने अपनी अधिकतर रेस पहले पाँच लैपों में ही जीतीं क्योंकि मेरे प्रतिद्वंदी बहुत अधिक घबराए हुए, बेचैन और केन्द्रित रहते थे। इसलिए, मैं जब कार के कॉकपिट मे बैठता था तो मैं भावहीन होता था। और मोनाको में, एक फॉर्मूला 1 ग्रैंड प्रिक्स जिसे मैंने तीन बार जीता, यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण था।

मैंने यह पाया कि यदि मैं भावनाओं को हटा दूँ, तो मेरे किसी गलत चीज़ को करने कि संभावना कम हो जाएगी।

जो रोलेक्स डेटोना मैंने पहनी हुई है, वो साठ के दशक के अंत में मुझे मोनाको में प्रसिद्ध रेसों में से एक के जीतने पर दी गई थी। मैंने इसे इतने वर्षों से संभाल कर रखा है, और मैं इसे अक्सर पहनता हूँ। यह बस एक उत्कृष्ट घड़ी है जो मुझे बीते हुए पलों की और पूरे सत्र के सबसे भव्य, सबसे शानदार और सबसे उत्साहित करने वाली ग्रैंड प्रिक्स की याद दिलाती है।

मोनाको में ग्रैंड प्रिक्स के लिए सभी लोग आते थे; फिल्मी सितारे आते थे, बीटल्स, स्टीव म्कक्वीन, पीटर यूस्टीनोव और बेट्टे डेविस व शॉन कॉनरी भी एक वर्ष मेरे साथ आए थे। यह इस बात को दर्शाता है कि, फॉर्मूला 1 क्या चीज़ थी और ग्रैंड प्रिक्स क्या चीज़ थी। बस मोनाको को जीतना ही अपने आप में खास था। और उस दौर में सभी बहुत सुरुचिपूर्ण होते थे। वहाँ हमेशा शनिवार की रात को महल में, राजकुमारी ग्रेस और राजकुमार रेनियर की मेज़बानी में पार्टी होती थी। राजकुमारी ग्रेस के बगल में बैठना और उनसे बात करना एक स्वपन जैसा था। मौंटे-कार्लो की एक विरासत है — और मेरी घड़ी काफी हद तक उसकी एक अवतार है।

आज, लगभग 50 साल बाद, यह घड़ी मुझे याद दिलाती है कि मैं उस रेस को जीतने के लिए काफी अच्छा और काफी तेज़ था। यह एक ऐसी चीज़ है जो जीवन भर आपके साथ रहती है, एक ऐसी चीज़ जिसे आप अपने परिवार को सौंपते हो। मेरे दोनों बेटों को मेरी रोलेक्स घड़ियाँ मिली और अब ये मेरे पोतों को मिल रही हैं। जब मैं एक टेस्टीमोनी के रूप में रोलेक्स से जुड़ा, तो अखबारों और मैगज़ीनों के विज्ञापनों मे छपा था, “यदि कल आप इस जगह पर होंगे, तो शायद आप एक रोलेक्स पहने हुए होंगे” — और वहाँ पर संयुक्त राष्ट्र का एक चित्र था। मैंने सोचा कि यह एक बहुत महान कथन है। मैं जब अपनी घड़ी पहनता था, तो मुझे ऐसा एहसास होता था कि मैं जीवन में प्रगति कर रहा हूँ।

आज, लगभग 50 साल बाद, यह घड़ी मुझे याद दिलाती है कि मैं उस रेस को जीतने के लिए काफी अच्छा और काफी तेज़ था।

एक चैम्पियन बनकर रहना बहुत अच्छा है। मैं सोचता हूँ कि अभी भी मैं जो भी करूं उसमें चैम्पियन ही रहूँ — और यह अभी भी एक चुनौती है। आज जब मैं अपनी घड़ी को देखता हूँ, तो वो वही सब देखता हूँ। मैं वास्तविक गुणवत्ता वाली किसी वस्तु में पहली प्रविष्टि को देखता हूँ। और मुझे जो मिला मैं उसे इसलिए देखता हूँ क्योंकि, मैंने उसे अर्जित किया। मेरे लिए इसका मूल्य आज भी उतना ही है जितना तब था जब वर्षों पहले मोनाको में मुझे यह दी गई थी।

सर जैकी स्टीवर्ट की घड़ी

ऑयस्टर परपेचुअल कॉस्मोग्राफ़ डेटोना